मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – ४

हैलो दोस्तों,
इस कहानी के पिछले हिस्से में आप लोगों ने पढ़ा की कैसे मॉम और बेटा हफ्ता भर की यात्रा के लिए वाराणसी निकलते हैं फिर ट्रेन में ही दोनों सेक्स की दुनिया में खो जाते हैं तो होटल में भी शारीरिक सुख का मजा ले रहे हैं फिर अगले सुबह मॉम नेहा, उम्र ४० साल तो बदन थोड़ी मान्स्ल लेकिन खूबसूरत जिस्म साथ ही चूचियों कि उफान तो उनकी चौड़ी छाती पर मानो केमुर की पहाड़ी हो साथ ही मोटे चिकने जांघ केले के थंब समान और चुत बिल्कुल गद्देदार फांकों का आकार लिए जिसपर वो उपरी भाग में छोटे छोटे बार रखती थी, उनका गोरा मुखड़ा और गुलाबी ओंठ, बिल्कुल ही किसी हॉट लेडी के माफिक दिखती हो तो सुबह मेरा यानी राहुल मल्होत्रा की नींद खुली, १८ साल की उम्र तो कद ६’० फीट के आसपास, कसरती बदन साथ ही चौड़ी छाती और लंड ६-७ इंच लम्बा लेकिन देर तक छेद में जूझने वाला, फिर फ्रेश हुआ और चाय का आर्डर मॉम ने दिया, वो पहले ही जाग गई थीं फिर भी दुबारा चाय पीने की इच्छा जाहिर की तो नेहा फिलहाल एक लॉन्ग कोट पहने सोफ़ा पर बैठी हुई थी और फिर दोनों साथ ही चाय पीने लगे, मॉम “टैक्सी वाले को कॉल कर दो ताकि वक़्त पर आ जाए
( मैं ) रिलैक्स बेबी, अभी तो एक घंटे से अधिक है टाईम होने में
( मॉम ) तो कुछ नाश्ता भी करोगे या बाहर ही
( राहुल ) ऐसा है कि कुछ हल्का फुल्का मंगा लो ताकि सारनाथ जाने के रास्ते में बियर का मजा ले सकूं
( मॉम मेरे कंधे में हाथ डालकर गाल चूम ली ) सो स्वीट डार्लिंग “फिर मॉम न्यूज़ पेपर पढ़ने लगी तो मैं वाशरूम घुसा और स्नान करके थोड़ी देर में निकला, फिलहाल एक शॉर्ट्स पहन रखा था तो नेहा बोली “अब तो टैक्सी वाले को कॉल कर दो
( मैं अपना मोबाइल उठाया फिर उसे कॉल किया ) हां, अशोक जी टाईम पर आना है
( वो ) हां सर याद है “फिर मैं बेड पर लेटकर आराम करने लगा, मॉम शायद नाश्ता का ऑर्डर कर चुकी थी तो वक़्त ०९:१५ हो चला था तभी मॉम उठकर वार्डरोब के अंदर से बैग निकाल अपने लिए ड्रेस निकालने लगी और मैं देख रहा था कि वो एक बिन बाहों वाली कुर्ती साथ ही एक स्कर्ट निकाल मुझे दिखाई “ये ड्रेस कैसा रहेगा
( मैं ) ओह पहले पहनो तो सही
( वो खुद स्कर्ट को देखते हुए ) थोड़ा लंबाई में छोटा है बाकी तो ठीक ही है
( मैं ) मॉम, आजकल तो मिनी स्कर्ट की जगह माइक्रो स्कर्ट ले चुका है, ये तो काफी लंबा है “फिर मॉम वाशरूम और रूम के बीच चली गई जहां एक पर्दा लगा हुआ था और वो जगह ड्रेस बदलने के लिए ही था तो मॉम अपने साथ कपड़ा लेते गई फिर मैं लेटा रहा तो कुछ देर बाद मॉम उधर से कपड़ा बदल कर आई तो उनको देख मैं बोला “अब भी तू २५ साल की छोकरी लगती है, वैसे ये ड्रेस तेरे पर जम रहा है और
( नेहा ) और क्या राहुल
( मैं मुस्करा दिया ) इस ड्रेस में कुछ कुछ हो भी सकता है
( नेहा ) आज कहीं छुवा तो बताऊंगी “इतने में कॉल बेल बजने लगा और मॉम दरवाजा खोलने चली गई और मैं भी बेड पर से उठकर अपने बैग से कपड़ा निकालने लगा, तो सर्विस बॉय नाश्ता टेबल पर रख चला गया तो मॉम दरवाजा बंद करके बैठी “जल्दी से कपड़ा पहन और आकर नाश्ता कर “तो नेहा नाश्ता करने लगी और मैं बेड के पास खड़ा खड़ा अपना कपड़ा बदलने लगा, जींस और शर्ट पहनकर नेहा के बगल में बैठ नाश्ता करने लगा तो नेहा “सारनाथ में किधर किधर जाना है, क्या कुछ मालूम है
( मैं ) ओह बेबी, रिलैक्स “फिर नाश्ता करके दोनों अपने अपने सैंडल पहने तो मॉम पर्स लेकर मेरे साथ कमरे से निकल पड़ी, वक़्त १०:०० बजे के आसपास हो चला था तो होटल के रिसेप्शन पर पहुंचते ही मैनेजर बोला “मैडम वो टैक्सी ड्राइवर बाहर आप दोनों का इंतजार कर रहा है “मॉम सिर्फ मुस्करा कर उसे जवाब दी फिर दोनों होटल के पार्किंग स्थल की ओर बढ़े तो ड्राइवर देख इशारा किया और वो कार के अंदर घुसा तो हम दोनों उसके करीब गए फिर कार के पिछ्ले सीट पर दोनों बैठ गए, गाड़ी स्टार्ट हुआ फिर हम लोग सारनाथ की ओर चल पड़े, मैं पूछा “यहां से सारनाथ कितना दूर है
( ड्राइवर पीछे मुड़कर बोला ) यहां से १६-१७ किलोमीटर “तो नेहा आज मुझसे थोड़ी करीब बैठी हुई थी तो उसके दोनों जांघ एक दूसरे पर थे और घटने से थोड़ा उपर तक का भाग नग्न था, कुछ खास अंग प्रदर्शन नहीं कर रही थी और मैं सामने की ओर देखता हुआ नेहा के जांघ पर हाथ फेरने लगा तो नेहा मेरे हाथ को पकड़ उपर की ओर करने लगी तो एहसास हुआ कि उनका स्कर्ट जांघों के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है, तभी दोनों की नजरें मिली और वो इशारे से अपने जांघों के बीच के हिस्से को दर्शाई ताकि मैं उसकी बुर को भी कुरेद सकूं पर मुझे जांघ सहलाने में काफी मजा आने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ अपनी पेंटी पर लगा दिया, कार के ड्राइवर के पीछे मैं बैठा हुआ था तो वो चाहकर भी हम दोनों की हरकत नहीं देख सकता था। कार शायद वाराणसी के बाहरी इलाके से गुजर रही थी तो मेरा हाथ मॉम के फैले जांघों के बीच चुत पर था और मैं नेहा की चुत को चुटकी में लेकर धीरे धीरे मिंजने लगा तो उसके चेहरे की ओर देख समझ आ रहा था कि उसमें सेक्स की आग लग चुकी है पर यहां बुझाना मुस्किल था तो नेहा मेरे कलाई पकड़ हाथ को पीछे धकेल दी और धीरे से बोली “जान लेकर रहोगे क्या
( मैं ) उहुं, रास्ते में कुछ तो लूंगा और जगह मिला तो आपको भी “तो मेरा हाथ अब सीट के बैक पर था तो धीरे से नेहा के कंधे पर हाथ फेरने लगा तो मॉम मेरी ओर देख अपनी चूची की ओर इशारा की तो मेरा हाथ उनके कंधे से नीचे होकर बाईं चूची को दबाने लगा और दोनों काफी करीब बैठे हुए थे तो नेहा अपनी एक जांघ मेरे जांघ पर रख रगड़ने लगी और उनके मुलायम स्तन पुचकारते हुआ मैं तो मस्त था लेकिन लंड अंदर ही फुंफकार मारने लगा और मॉम जैसे ही मेरे लंड के उभार पर हाथ फेरने लगी मैं उनको धीरे से बोला “प्लीज़ ये सब यहां नहीं”फिर मैं भी उनकी चूची छोड़कर हाथ सीधा किया तो नेहा अपना स्कर्ट ठीक की, जैसे ही कार वाराणसी केंट से बाहर निकला मै दोनों ओर वाईन शॉप देख रहा था लेकिन शायद नेहा इस पक्ष में नहीं थी, आखिर में एक वाईन शॉप मुझे दिखा तो मैं बोला “जरा साइड करके गाड़ी रोकना “तो गाड़ी के रुकते ही मैं उतरकर पीछे की ओर गया और ड्राइवर भी कार से निकल चुका था, मैं दो केन बियर खरीद जींस के पॉकेट में रखकर वापस आया, अबकी बार मॉम ड्राइवर के पीछे बैठी थी तो मैं बैठा फिर ड्राइवर कार स्टार्ट किया “आप लोग कहां से घूमने आए हैं मैडम
( वो कार के साईड मिरर में मॉम को भी देख रहा था ) हम लोग दिल्ली से आए हैं, तुम्हारा घर यहीं है
( वो मुड़कर मॉम को देखा ) जी बाबतपुर हवाई अड्डा के पास घर है “, तो कार तेजी से चल रही थी और वो मॉम को मिरर में देख भी रहा था, हमलोग ११:१५ बजे सारनाथ पहुंचे तो वो बुद्ध मन्दिर के पास कार रोककर “पहले यहां घूम आइए फिर आगे चलेंगे”तो दोनों कार से उतर कर मंदिर परिसर में घुसे तो मॉम पूछी “ये बियर कहां बैठकर पियोगे
( मैं ) आप चिंता मत कीजिए, अभी पूरा दिन यही मस्ती करनी है”मॉम थोड़ी शरमा गई और दोनों पहले तो बुद्ध भगवान का दर्शन किए फिर उस परिसर के आखिरी छोर की ओर जाने लगे, वसंत ऋतु में दर्शनार्थियों की काफी भीड़ थी पर बड़े बड़े पेड़ के नीचे एकांतवास मिल ही गया और दोनों प्रेमी जोड़े की तरह पेड़ के पीछे बैठ गए और मैं झट से बियर की केन निकाल उसे खोला फिर गटागट पीने लगा और मॉम मेरे सामने बैठी मेरे जींस का ज़िप खोलने लगी तो मुझे कोई डर नहीं था और वो मेरा लंड बाहर करके सहलाते हुए बोली “क्या अपनी पेंटी उतार दूं, डालोगे
( मै बियर पीने लगा ) चूसना है तो चूस है बाकी होटल में”तो नेहा मेरे लंड हिलाते हुए टाईट करने में लगी हुई थी तो मैं दूर तक नजर दौड़ा कर देख रहा था कि कोई इधर आ तो नहीं रहा है फिर बियर के केन फेंक मॉम के सामने खड़ा हो गया तो बरगद के पेड़ के नीचे और उसके पीछे मॉम मेरे सामने पैर के बल होकर लंड पकड़ ली लेकिन बिना जींस थोड़ा नीचे किए दोनों को मजा नहीं मिलने वाला था। नेहा मेरे जींस के बटन खोल उसको थोड़ा नीचे की फिर कच्छा भी नीचे करके मेरा लंड चाटने लगी, उसका जीभ लंड के चमड़ा पर घूम रहा था तो राहुल बियर पीकर मस्त था और तभी मॉम अपने मुंह खोलकर मेरे पूरे लंड अंदर लिए चूसने लगी तो मैं उनके सर के पीछे हाथ लगाकर लंड चुसवा रहा था तो फ़रवरी के माह की ठंड हवा के साथ नंगा लंड मॉम के मुंह में डाले आहें भरने लगा “ओह मॉम यू आर टू हॉट एंड सेक्सी “तो नेहा मेरे कमर में हाथ डाले मुंह का तेज झटका देने लगी और मुखमैथुन का आनंद दे रही थी। कुछ पल तक नेहा लंड को चूस चूसकर पूरी तरह से टाईट कर दी फिर मुंह से निकाल बोली “मेरा तो काम तमाम हो गया “मैं बैठ गया तो मॉम मेरे सामने बैठकर अपने स्कर्ट के अंदर हाथ घुसाए पैंटी खोल बाहर निकालो फिर पैंटी मेरे मुंह पर प्यार से फेंकी तो मैं पैंटी को कैच करके नाक लगाए सूंघा तो नेहा मुस्कुराते हुए बोली “मेरी तो गीली हो गई, क्या विचार है
( मैं ) चाटकर स्वाद चख लूं बाकी और भी तो जगह है, चल थोड़ी लेट जा “तो नेहा तुरन्त ही घांस पर लेट गई तो दोनों हाथ मोड़कर अपने सर के नीचे कर दी, मैं उनके स्कर्ट को उपर तक किया तो वो खुद जांघें फैलाकर चुत दिखाने लगी और मैं उनके चूतड़ के नीचे दोनों हाथ लगाए चूतड़ को थोड़ा ऊपर किया फिर चुत पर जीभ फेरने लगा वैसे भी दोनों फांक सहित चुत का मुहाना पूरी तरह से फैला हुआ था तो नेहा की चुत में पूरा जीभ घुसा दिया, उसके रस का स्वाद लेते हुए मस्त था तो मेरी हाथ मॉम के बूब्स पर चली गई तो उसको पुचकारता हुआ चुत चाटने लगा “उह ओह राहुल, पहले चोद मुझे फिर घूमते रहना “मेरे अंदर का जानवर जाग उठा तो फुंफकार मारता लंड जींस से बाहर था, मैं बिना कुछ सोचे अपना पूरा जींस पैर से निकाल लंड पकड़े चुत में घुसा दिया और बैठे बैठे नेहा की रसीली चुत चोदने लगा तो मैं ये भूल चुका था कि मॉम की चुदाई किसी पब्लिक स्थल पर कर रहा हूं और चुत से फचा फेच की आवाज आ रही थी, घांस पर लेटी नेहा चुदाई में लीन थी तो मैं उसके जिस्म पर सवार होकर दे दनादन चोदने लगा और वो मुझे पकड़े अपने भारी भरकम चूतड़ को उछालने लगी तो दोनों समझो स्वर्ग की सैर कर रहे थे। जमीन पर नेहा लेटी हुई थी तो मैं उनके बदन पर सवार होकर चुदाई करने में मस्त था फिर उनके ओंठ को चूमता हुआ नेहा की परिपक्व चुत की खुदाई कर रहा था, नेहा के बूब्स मेरे छाती से रगड़ खा रहे थे तो सारनाथ यात्रा शुरू में ही सेक्स और रोमांस से युक्त हो गया और नेहा बोली “अब उठो दूसरे स्टाइल में
( मैं उसके बदन से उतरा ) ओके सेक्सी “मैं नंगे ही बैठा तो मॉम वहीं पर डॉगी स्टाइल में ही हो गई फिर मैं मॉम के भारी भरकम चूतड़ के सामने पोजिशन लेकर लंड को चुत में घुसाया, नेहा कुर्ती और स्कर्ट के ड्रेस में मस्त दिख रही थी लेकिन ऐसे ड्रेस में कहीं भी सेक्स और सभोग संभव है तो नेहा की चूतड़ की ओर से चुत में लंड घुसाए चुदाई कर रहा था तो सेक्सी लेडी अपनी चूतड आगे पीछे करते हुए “ओह उह राहुल, तुम बहुत मजा दे रहे हो जी करता है कि दिन भर यही पर लेटकर चुदुं
( मैं अब झड़ने के करीब था ) आह उह उई ये अब गिरा लो मेरा रस “फिर लंड से रस निकलने लगा तो मॉम की चुत गीली करके लंड बाहर किया और लंड को रुमाल से साफ करके जींस पहनने लगा तो मॉम अपनी चुत पानी से धोकर बोली “ये पैंटी यही फेंक देती हूं
( मैं ) इसे अपने पर्स में तो रख लो ” फिर दिन भर की यात्रा समाप्त हुई।

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Linga11

I am here to share incidence which happened / not happened in my life.I love to write but have strong love for writing incest or porn stories.I think you readers will enjoy my stories reading in a free time and while thinking about its situation.I know your sexual organs will than be in fire.