माय फक डायरी – 4

कॉलेज के एक असाइनमेंट की डेडलाइन सामने आ गयी थी तो मैं सुबह सुबह लाइब्रेरी पहुंच गया और वहा पर असाइनमेंट बनाने लगा.. मैं लाइब्रेरी के एक कार्नर की टेबल पर बैठा नोट्स बना रहा था.. तभी महक मुझे खोजते हुए आ गयी.. और मेरे सामने बैठ गयी.. उस समय लाइब्रेरी में बहुत ही कम लोग थे..
महक: अरे यार तुम यहाँ पर हो मैं पूरा कॉलेज में तुझे ढूंढ रही थी
मैं: हाँ यार कल एक असाइनमेंट सबमिट करना है इसलिए यहां सुबह से आ गया हूँ
महक: अच्छा ठीक है.. पर तू २ दिन से दिखा ही नहीं कहा था
अब मैं महक को कैसे बताता की २ दिन मैं शिल्पी के साथ था और उसकी ठुकाई कर रहा था..
मैं: हाँ यार मेरी तबियत थोड़ी ठीक नहीं थी
महक: ओह्ह्ह अब तो ठीक है ना
मैं: हाँ यार अब ठीक हूँ.. अब तू जा यहाँ से मुझे पढ़ने दे
महक: ये क्या बात हुई रोहित.. मैं २ रातो से तेरे लिए तड़प रही हूँ और तू मुझे भगा रहा है
मैं: अरे यार मुझे असाइनमेंट पूरा करने दे.. फिर मैं तुमसे मिलता हूँ
महक ने आज ब्लैक शर्ट और ब्राउन ट्रॉउज़र पहनी हुई थी.. उसकी शर्ट बहुत ही टाइट थी.. और शर्ट के बटन्स का तनाव बता रहा था की महक के दूध कितने बड़े होंगे.. ऐसा लग रहा थी की अभी बटन्स टूट जायेंगे… महक ने अपनी शर्ट के एक बटन खोल दिए.. अब उसका क्लीवेज थोड़ा दिखने लगा
महक: पक्का मैं जाओ
मैं: साली मेरे मजे ले रही है.. आज रात को आके तेरी मारता हूँ अच्छे से
महक: ओह्ह्ह्ह रोहित मुझे तो अभी मजा लेना है
महक टेबल के निचे चली गयी और मेरे लंड को जीन्स के ऊपर से सहलाने लगी… अह्ह्ह्ह महक तू मानेगी नहीं.. मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा था.. महक ने मेरी जीन्स की जीप खोली और मेरा लंड को अपने हाथो में ले लिया… दूर से कोई देखे तो उसे सिर्फ यही दिखेगा की मैं पढाई कर रहा हूँ.. पर टेबल के अंदर महक मेरा लंड चूस रही थी.. अह्ह्ह्ह महक.. मस्त चूस रही है साली.. मेरा लंड पूरा टाइट हो चूका था और महक उसे अच्छे से सक का रही थी.. उसने १० मिनट में मेरा लंड चूस कर झाड़ दिया.. फिर वो टेबल से बहार निकली और मेरे बगल में आकर बैठ गयी..
महक: कैसा लगा
मैं: साली रंडी की तरह लंड चूसा है तूने.. मजा आ गया
महक: चल अब जल्दी दोनों मिलकर असाइनमेंट करते है
महक मेरे से चिपक कर बैठी हुई थी और बुक पढ़ रही थी.. उसकी मोटी चुचियाँ मेरे शरीर से दब रही थी… और मेरा ध्यान उसकी चौड़ी फुली छाती पर था.. शर्ट के अंदर से झाकते हुए उसके बड़े बड़े दूध बहुत ही सेक्सी लग रहे थे..
महक: अरे तेरा ध्यान किधर चल पढाई कर
मैं: महक डार्लिंग अपने शर्ट का एक बटन और खोल ना
महक: अच्छा अभी तो मुझे तू भगा रहा था
मैं: अरे यार सॉरी.. खोल ना
महक: अच्छा ठीक है
महक ने अपनी शर्ट का एक बटन और खोल दिया.. अब उसकी क्लीवेज लाइन और डीप दिख रही थी.. ऐसा लग रहा था की बड़े बड़े पहाड़ो के बीच में एक खाई बनी हो.. अब उसके बाकि बचे बटनो पर मोटे मोटे दूध को छुपाने की जिम्मेदारी थी..
उफ्फफ्फ्फ़ जानेमन क्या मस्त दूध है तेरे.. एक और बटन खोल ना
महक ने अपनी शर्ट का एक और बटन खोल दिया.. अब उसकी आधी चुचियाँ नंगी दिख रही थी.. मेरा लंड फिर धीरे धीरे खड़ा होने लगा.. मैंने महक का हाथ पैंट के ऊपर रखा.. महक ऊपर से मेरे लंड को सहला रही थी
महक: ओह्ह्ह्ह रोहित.. ये तो फिर खड़ा हो रहा है
मैं: महक डार्लिंग.. ये तेरी मोटी मोटी चूचियों का कमाल है.. एक बटन और खोल ना अपनी शर्ट का
महक: तू साले मुझे यही नंगा करले सबके सामने..
मैं: अरे यार फिर क्या करे.. मेरा लंड अब तेरी चुत मार कर ही शांत होगा
महक: अच्छा एक काम कर.. लाइब्रेरी की 3rd फ्लोर पर चलते है वहा कोई आता जाता नहीं है.. मैं पहले जाती हूँ.. फिर तू आ जाना
मैं: ठीक है तू जा.. मैं थोड़ी देर में आता हूँ
महक वहा से सीढ़ियों की तरफ जाने लगी.. पीछे से उसकी भारी गांड गजब ढा रही थी.. बॉडी टाइट ट्रॉउज़र में उसकी बाहर निकली हुई मोटी गांड और भी सेक्सी लग रही थी.. उसके चुत्तड़ उसकी चाल के ऊपर नीचे हिल रहे थे.. मैं थोड़ी देर बाद 3rd फ्लोर पंहुचा.. वहा पे पुराने बुक्स रखे हुए थे इसलिए उधर कोई आता नहीं था और ऊपर से सुबह सुबह लाइब्रेरी में बहुत कम लोग ही आते है.. मैंने फ्लोर अच्छे से चेक कर लिया.. वहा कोई नहीं था.. लास्ट शेल्फ के पीछे महक मेरा इंतजार कर रही थी.. उसने देखते साथ ही मुझे गले लगा लिया और किश करने लगी.. हमदोनो पैशनेट किश करने लगे… मेरा हाथ उसके चुत्तड़ो पर था जिसे मैं मसल रहा था.. उसकी गद्देदार मोटी गांड को दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था… अह्ह्ह्ह रोहित मैं २ रातो से तड़प रही थी..
ओह्ह्ह्ह महक जानेमन रुक जा अभी तेरी प्यास बुझाता हूँ मैं
मैं महक के दूध को शर्ट के ऊपर से दबाने लगा.. उसके सॉफ्ट और भरे हुए दूध को दबाने में अलग ही सुख था.. साली ने अंदर ब्रा नहीं पहना था.. इसीलिए उसके चुच्चे बहुत बड़े बड़े लग रहे थे.. अह्ह्ह्ह रोहित अच्छे से दबा यार
मैंने उसके बाकी के बटन्स भी खोल दिए.. अब उसकी भरी हुई मोटी चुचियाँ नंगी थी.. मैंने उसकी एक चुची का निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा.. दूसरी चुची को जोर जोर से मसल रहा था
अह्ह्ह्ह रोहित चूस ले यार और जोर से दबा
महक अपने हाथ से मेरे लंड को पैंट के ऊपर से टटोल रही थी.. मैं उसके मोटे मोटे दूध को दबा दबा कर चूस रहा था.. मेरा लंड अब पूरा तैयार हो चूका था.. मैं महक की ट्रॉउज़र उतारने लगा.. उसकी बूर बहुत ही गीली हो चुकी थी.. मैंने उसे शेल्फ के सहारे खड़े होने बोला.. और मैं उसके पीछे आ गया.. उसकी गोरी भारी गांड अब नंगी मेरे सामने थी.. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और महक की चुत पर रख दिया.. उसकी कमर को पकड़ कर मैंने जोर का धक्का मारा.. मेरा लंड उसकी बूर को फाड़ता हुआ अंदर चला गया…. आईईईई रोहित मार डाला रे..
मैं उसकी मोटी गांड को पकड़ कर जोर जोर से उसे चोद रहा था.. और महक कामुक आवाजे निकल रही थी.. अह्ह्ह्ह उउउउउउ और तेज मार यार..
उफ्फ्फ कैसा लग रहा है महक जानेमन.. मेरा लंड ले कर
ओह्ह्ह्हह आईईईई रोहित बहुत मजा आ रहा है.. और चोद अपनी रंडी को..
मैंने उसकी झूलती हुई चूचियों को पकड़ लिया और दबाने लगा.. अह्ह्ह्हह फक मी डीपर बेबी… मैं अपना लौड़ा पूरा जड़ तक महक की बूर में पेल रहा था.. उसकी मोटी मोटी चूचियों को दबा दबा चोदने में का अलग ही मजा आ रहा था..
अह्ह्ह्ह उउउउउ और चोद यार.. कहा था २ दिनों से तू
उफ्फ्फ्फ़ महक जानेमन.. सच बताता हूँ.. तेरी तरह एक और रंडी है जिसकी ठुकाई कर रहा था
ओह्ह्ह्हह साले मैं यहा रात में तड़प रही थी और तू किसी और की ही बजा रहा था.. कौन है वो?
अरे अपनी शिल्पी
ओह्ह्ह तेरी की.. वो तो तुझे भाई बोलती है.. तूने उसे ही चोद दिया
नहीं यार वो खुद ही चुदने के लिए मचल रही थी… भाई बोलकर मुझे अपनी चूचियां और गांड दिखा रही थी.. तो मैंने भी फाड़ दिया
अह्हह्ह्ह्ह वो तो साली बहुत बड़ी रंडी निकली…
मैं महक को ताबड़ तोड़ चोद रहा था.. महक की भारी गांड को पकड़ कर मैं जोर जोर से उसकी चुत मार रहा था.. अह्ह्ह्ह रोहित फक मी डिअर..
मैं महक की मोटी मोटी चूचियों को दबा कर उसकी ले रहा था.. अह्ह्ह्हह यार बस मेरा होने वाला है थोड़ा और जोर जोर से चोद मुझे.. उउउउउ अह्ह्ह्हह
थोड़ी देर और चोदने के बाद हमदोनो ख़तम हो गए.. महक ने जल्दी अपने कपडे ठीक किये और वहा से चली गयी.. मैं थोड़ी देर वही रुका रहा फिर मैं भी निचे उतर आया और लाइब्रेरी से बाहर जाने लगा.. तभी मुझे रूपा मैडम ने बुला लिया.. रूपा मैडम लाइब्रेरियन है..
रूपा: तुम्हारा नाम क्या
मैं: मैम रोहित
रूपा: तो रोहित तुम अभी 3rd फ्लोर पर क्या कर रहे थे
ये सुनते ही मेरी फट कर हाथ में आ गयी..
मैं: वो मैम.. वो मैम.. मैं बुक देखने गया था
रूपा: झूट मत बोलो.. वहा पर सब पुरानी बुक है.. और वैसे भी तुम्हारी हरकते CCTV में कैद हो गयी है
अब मुझे पसीने आने लगे.. मेरी हालत ख़राब होने लगे
मैं: सॉरी मैम.. आगे से सब नहीं होगा
रूपा: तुमको लाइब्रेरी में ये सब काम करते हुए शर्म नहीं आयी.. रुको मैं डीन को ये सब बताती हूँ
मैं: सॉरी मैम.. प्लीज माफ़ करदो… आगे से ऐसा नहीं करूँगा
रूपा: नहीं तुम्हारी कम्प्लेन तो करनी पड़ेगी.. ये सब यहाँ नहीं चलेगा.. तुम्हारे साथ जो लड़की थी उसको भी नहीं छोडूंगी मैं
मैंने रूपा मैम के पैर पकड़ लिए और माफ़ी मांगने लगा
मैं: सॉरी मैम.. प्लीज माफ़ करदो.. मेरा करियर ख़राब हो जायेगा
काफी मिन्नतों के बाद रूपा मैम का गुस्सा शांत हुआ..
रूपा: सजा तो जरूर मिलेगी तुझे.. तुम्हारी जवानी की गर्मी मैं निकलूंगी
मैं: मैम आप जो सजा दोगी चलेगा.. पर प्लीज डीन को कम्प्लेन मत करना
रूपा: ठीक अब तुम जाओ अपनी क्लास अटेंड करो.. मैं बाद में तुम्हारा पनिशमेंट बताती हूँ
मैं जल्दी से वहा से चला गया इससे पहले रूपा मैम अपना इरादा बदल दे..

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