जिंदगी का सफर दीदी के साथ भाग 7

सुबह 7 बजे मेरी नींद खुली और नींद खुलते ही कल की सारी घटनाएं मेरी आँखों के सामने घूम गयी हांलाकि आज संडे था पर फिर भी जाग जाने के बाद मैं वक़्त बर्बाद करना ठीक नही समझा और आज तो मेरी जिंदगी का अहम फैसला होने वाला था …. और मेरे होठो पर मुस्कान आ गयी सुबह सुबह लंड एकदम सख्त था मैंने उसे एक बार दबा कर आश्वासन दिलाया कि जल्दी ही तुझे चूत नसीब होगी …. और फिर फोन उठा कर दीदी के रूम चेक किया वो रोज की तरह उठ चुकी थीं और रूम में नही थी फिर मैंने बाथरूम चेक किया तो वो शावर के नीचे एकदम नंगी थी और बदन पर साबुन लगाते हुए गुनगुना रही थीं ….. उनका नहाना खत्म होने तक मैं बैठा लंड सहलाते हुए उन्हें देखता रहा और फिर कल की ही तरह जा कर सोफे पर बैठ गया …. दो मिनट बाद दीदी कल जैसे ही टॉवल लपेट कर बाहर निकली पर आज मुझे देख कर अनदेखा करते हुए अपने रूम में चली गयी …. और उनके जाने के एक मिनट बाद ही मैं भी पीछे से रूम में चला गया अंदर घुसते ही मुझे झटका सा लगा दीदी ने टॉवल बेड पर डाला हुआ था और वो झुक कर पैंटी पहन रही थीं और उनकी नंगी गांड़ जो झुकने की वजह से उभर और खुल कर सामने आ गयी थी मुझे दिख रही थी …. मेरे आने की आहट से दीदी ने मुड़ कर मेरी ओर देखा और लगभग चिल्ला कर बोली …. अरे पागल हो गए हो ऐसे कैसे घुसे आ रहे हो ….. और जल्दी से पैंटी पहनने के चक्कर मे उनका पैर पैंटी में उलझ गया और वो जमीन पर लुढ़क गईं ….. मैंने पास जा कर उनका हाथ पकड़ कर उन्हें उठाते हुए कहा सॉरी दीदी मुझे लगा आप कपड़े पहन ली होगी ….. उन्होंने हाथ छुड़ाते हुए कहा इतनी जल्दी कैसे कोई मशीन लगी है क्या और तू बाहर निकल अब जल्दी से ….. उन्होंने हाथों से अपने बूब्स को छिपाने का असफल प्रयास किया हुआ था …. मैंने कोई बहस ना करते हुए बाहर जाना ही ठीक समझा और चुपचाप बाहर चला आया …. लगभग 10 मिनिट बाद दीदी बाहर आई उन्होंने एक पाजामा और ब्लैक टी शर्ट पहनी थी खुले गीले बाल और हल्की लिपस्टिक ….. एकदम माल लग रही थी दिल तो किया वही पकड़ कर होठो को चूस लूं पर मैं मुह बनाये बैठा रहा …. दीदी मुझे देखती हुई किचन में घुस गई और कुछ देर में दो कॉफ़ी ले कर मेरे पास आ कर बैठ गईं …. पर मैं वैसे ही सड़ा सा मुह बनाये बैठा रहा …. उन्होंने कॉफ़ी का मग उठा कर मुझे दिया और बोली क्या हुआ …..
मैंने कहा कुछ नही और कॉफ़ी ले कर पीने लगा दो मिनट मैं चुपचाप कॉफ़ी पीता रहा तो वो बोली …. ऐसे किसी के रूम में घुसते हैं क्या मैंने किसी के रूम में नही घुसा था आपके रूम में घुसा था …. अपने घर मे घुसा था …. दीदी ने कुछ सेकेंड्स मेरी ओर देखा घूर कर फिर बोली मैं कौन हूँ …. मैंने कहा मेरी दीदी और होने वाली बीवी …. दीदी बोली संजू तू सच मे सीरियस है इस बारे में या मेरी टांग खींच रहा है … मैंने कहा अभी शादी करोगी आज ही …. दीदी बोली पर कैसे मैंने वो सोचना मेरा काम है …. मैंने कहा दीदी कुछ दिन से मेरे ट्रांसफर की बाते हो रही है ….. सीनियर ऑफिसर मुझे किसी और जगह भेजना चाहते हैं अगर आप हाँ बोलो तो किसी और स्टेट में ट्रांसफर ले लूं जहां हमे कोई ना जानता हो और फिर वही शादी कर के सेटल हो जायेंगे …. पर सब से पहले आप बताओ आपको ये रिश्ता मंजूर है या नही….?
दीदी बोली अभी भी बताने को कुछ बाकी है क्या मैंने दीदी का हाथ हाथों में पकड़ कर पूछा दीदी मैं एक बार आपके मन की बात जानना चाहता हूं मैंने तो अपने मन की आपको बता दी थी पर मैं ये नही चाहता आपकी मर्जी के बिना कुछ हो …. दीदी बोली ऐसा है तो सुनो मैं काफी टाइम से महसूस कर रही हूं तुम मुझे बहन के अलावा एक औरत की नजर से देख रहे हो …. हांलाकि मेरा दोबारा शादी का कोई इरादा तो नही था पर तुम्हारा अपने प्रति लगाव देख कर मैं मना नही कर पा रही हूं और सब से बड़ी प्रॉब्लम है हमारा असली रिश्ता …. मैंने कहा दीदी हम अपने नंबर बदल देंगे यहां किसी को नही बताएंगे अपना नया एड्रेस बस आफिस के एक दो लोगो को पता होगा कि हम किस शहर में हैं कोई रिश्तेदार कभी हम तक नही पहुंच पायेगा और नई जगह हमारा रिश्ता जो हम रखेगे वही जानेंगे लोग फिर प्रॉब्लम कहाँ है …. दीदी ने सर हिलाते हुए कहा बात तो सही है तुम्हारी ऐसे में तो कोई प्रॉब्लम नही होगी …. मैंने कहा अब कह भी दो रुचि …. दीदी ने कहा संजू या तो दीदी कह ले या रुचि मैंने कहा अकेले में दीदी य्या रुचि जो चाहे कहूँ पर आज से सबके सामने रुचि ही कहूंगा …. दीदी बोली जब बीवी बनाने का इरादा कर लिया है तो रुचि ही बोलो ना मैंने कहा दीदी को बीवी बनाने का क्या मज़ा है ये तुम नही समझोगी दीदी …. दीदी हंसने लगी …. मैंने कहा फिर मैं हां समझू दीदी ने मेरा हाथ पकड़ कर सहलाते हुए कहा हां मेरे होने वाले पतिदेव …. मेरी हां है मैं खुशी से उछल पड़ा और दीदी को खड़ा कर के गोद मे उठा कर नाचने लगा दीदी बोली छोड़ दे गिर जाऊंगी …. मैंने कहा मेरे होते कैसे गिर जाओगी और दीदी को नीचे उतार कर उन्हें जोर से बाहों में कस लिया दीदी ने भी अपनी बाहें मेरे जिस्म पर कस दी ऑयर लिपट गईं मुझसे मैंने दीदी के गालों को चूम लिया और कहा ….. Love you ruchi मेरी जान …. दीदी ने शर्माते हुए मेरे गाल पर किस किया और बोली love you too संजू …. मैंने कहा दीदी शादी आज ही करनी है दीदी बोलो इतनी जल्दी क्या है मैंने कहा 28 साल हो गए अब बड़ी जोर से सुहागरात मनाने का मन कर रहा है ….. दीदी ने कहा संजय जब मैंने हाँ कर ही दी है तो जो करना है आराम से कर ना बाकी तो अब मैं तेरी हूँ ही मना थोड़े करूंगी अपने हबी को …. मैंने कहा दीदी पर मैं बिना शादी के आपके साथ आपके साथ सेक्स नही करना चाहता …. तो दीदी ने नीचे की ओर देखते हुए कहा पागल लड़के सिर्फ सेक्स ही सब कुछ नही होता उसके अलावा भी बहोत कुछ किया जा सकता है ….. मैंने कहा पर कुछ और करने के बाद मैं खुद को रोक नही पाऊंगा …. दीदी बोली रोक तो शायद मैं भी नही पाऊंगी खुद को ….. फिर मैंने संजीव को कॉल किया और पूछा कोई पंडित का इंतजाम हो जाएगा उसने पूछा क्या करना है मैंने कहा शादी करनी है उसने कहा सर पर शादी अचानक कैसे मैंने कहा मेरी गर्ल फ्रेंड है और हम आज ही एकदम सिंपल तरीके से मंदिर में शाम को शादी करना चाहते हैं …. संजीव बोला ठीक है सर पंडित का इंतजाम तो।मैं कर दूंगा बाकी इंतजाम का क्या मैंने कहा भाई बाकी कोई इंतजाम नही करना बस पंडित जी से पूछ लेना क्या इंतजाम करना है और हम दोनों का कोई है नही दुनिया मे वो भी अनाथ मैं भी अनाथ …. असल मे मैंने आफिस में किसी को नही बता रखा था कि मेरी कोई बहन भी है और ना ही कभी कोई मेरे घर आया था पड़ोसियों से हमारी बस गुड मॉर्निंग ही होती थी तो उन्हें भी कोई आईडिया नही था …….. संजीव ने कहा सर मैं 5 बजे तक सारा इंतजाम कर लेता हूँ और आपको कॉल करता हूँ …. मैंने कहा ठीक है और कॉल काट कर मैंने कहा दीदी जल्दी से तैयार हो जाओ शॉपिंग करने चलना है …. और मैं बाथरूम में घुस गया …. जल्दी से नहा कर तैयार हो कर आधे घण्टे में मैं हाल में आया तो दीदी अभी अपने रूम में ही थीं …. मैंने आवाज़ दी बोली बस आ रही हूं और दो मिनट में वो आ गईं …. उन्होंने ब्लू साड़ी पहनी थी और सिंपल से मेकअप …. मैंने कहा दीदी वैसे जरूरत तो किसी चीज की नही है तुम वैसे ही इतनी खूबसूरत पर आज तुम्हारी शादी है तो चलो सब इंतजाम करने हैं दीदी बोली नाश्ता बना दूँ मैंने कहा दुल्हन कही काम करती है क्या आज से हफ्ते भर की छुट्टी बस शादी करो मज़े करो …. और अपने पति को खुश करो बाकी सब काम भूल जाओ …. दीदी बोली जो आज्ञा पतिदेव और हंस दी …. मैंने उनका हाथ पकड़ा चाभियां ली और घर लॉक कर के आ गया ….. दीदी को कार में बिठा कर 10 बजे मैं घर से निकल लिया और एक शॉपिंग माल में आया दीदी के लिए एक डिजाइनर लहंगा और 5 खूबसूरत साड़ियों के अलावा ढेर सारी सेक्सी लिंगरी के साथ मेकअप का ढेर सारा सामान खरीदते हमे 12 बज गए …. मैंने सेल्स गर्ल से कहा कि ये सब आज ही कंप्लीट तैयार करवा के दो ब्लाउज वगैरह उसने दीदी को ले जा कर नाप दिलवाया और बोली बस 3 बजे तक सब तैयार मिलेगा उसके बाद मैंने अपने लिए शेरवानी ली और उसे भी फिटिंग करने के लिए दे कर 65000 बिल चुका कर निकला तो दीदी बोली इतने पैसे क्यों खर्च कर रहा मैंने कहा दीदी मुझे पति और भाई दोनों का फर्ज निभाना है पिछली शादी में तो कुछ नही कर पाया आपकी खुशी के लिए पर आज मत रोको मुझे ….. दीदी कुछ नही बोली मैंने उन्हें कार में बिठाया और फिर हम ज्वैलरी शॉप में आ गए …. वहां मैंने दीदी के लिए एक खूबसूरत हार कंगन झुमके नथ और दो खूबसूरत घुंघरू वाली पायल खरीदी और दोनों के लिए एक एक डायमंड रिंग भी ले ली इस सबका बिल लगभग ढाई लाख बना वो भी पे कर के सब पैक करवा के मैंने फिर से दीदी को लिया और फिर हम एक अच्छे पार्लर में पहुंचे मैंने वहाँ की ओनर से जा कर बात की और बताया कि आज हमारी शादी है और इनका फुल ब्राइडल मेकअप करना है उसने कहा फुल पैकेज का 18000 बताया मैंने उसे पैसे ट्रांसफर किये और दीदी को वही छोड़ कर आने लगा तो दीदी मुझे रोक कर बोली यार संजू भूख लगी है क्या शादी के दिन भूखा मारेगा ….. तब मुझे याद आया कि सब भाग दौड़ मैं नाश्ता करना भी भूल गया तो पार्लर वाली लेडी बोली भाई साहब आप परेशान ना हो भाभी जी को मैं नाश्ता करवा दूंगी आप बस 5 बजे तक ले जाना इन्हें …. मैंने कहा अभी तो कपड़े नहीं आये इनके वो बोली आप चार बजे तक कपड़े ले कर आ जाना तो मैं इन्हें 5 बजे एकदम रेडी कर दूंगी …… अभी 2 बज रहे थे मैं वहाँ से निकल कर आया और एक जगह हल्का सा नाश्ता कर के ढाई बजे तक वापस मॉल पहुंच गया और 10 मिनट में सारा सामान पैक करवा कर मैं भी एक पार्लर में घुस गया शेव करवा के थोड़ा बहोत और ट्रीटमेंट ले कर मैं लगभग 4 बजे पार्लर आ गया और दीदी का लहंगा और गहने उन्हें दे कर कार में ही उनका इंतजार करने लगा …. साढ़े चार बजे संजीव का कॉल आया उसने मंदिर का एड्रेस दिया …. और बोला सब तैयार है बस आप लोग आ जाओ …. मैंने कहा ok आता हूँ तभी पार्लर वाली लेडी दीदी को ले कर आ गईं …. और मैं दिन भर की सारी थकान भूल कर बस दीदी को देखता रह गया …. मेरी प्यारी मासूम ख़ूबसूरत बहन एकदम चांद का टुकड़ा लग रही थी …… लाल सुर्ख लहंगे में मेहंदी लगे हाथों में भरी हुई लाल चूड़ियां नाक में नथ होठो पर लिपस्टिक माथे पर बिंदिया ….. सब मिला कर दीदी को उस रूप में देख कर मेरे मन मे ढेर सारा प्यार उमड़ आया उनके लिए ….. दीदी ने कार का दरवाजा नॉक किया तब मुझे होश आया कि मैंने उन्हें अंदर भी बिठाना है मैंने डोर खोला दीदी को बिठाया और उस लेडी को thanks बोल कर कार बढ़ा दी …. मैंने दीदी को देख कर कहा जानेमन कमाल लग रही हो दिल कर रहा है पहले सुहागरात मना लूं शादी बाद में …. दीदी के गाल आओए सुर्ख हो गए पर वो सिर्फ इतना बोली …. संजू एक चीज भूल गए हो तुम मैंने कहा क्या ….. दीदी बोली मंगलसूत्र ….. मैंने माथे पर हाथ मारा और कहा सॉरी यार पहली बार शादी कर रहा हूँ ना …. दीदी ने कहा पर मैं तो दूसरी बार कर रही हूं इसीलिए जो तुम्हे याद नही मैं याद दिला रही हूँ मैंने कहा दीदी तुम खुश हो ना इस रिश्ते से …. दीदी ने कहा मेरी आँखों मे देखते कहा हां संजू मैं बहोत खुश हूं …. तभी एक ज्वेलरी शॉप दिखी मुझे रास्ते मे और मैं दीदी को कार में ही छोड़ कर भाग कर एक मंगलसूत्र ले कर आ गया …… उसे जेब मे डाल कर मैंने कार बढ़ाई और सीधा मंदिर पर ही रोकी वहां संजीव अपनी बीवी के साथ खड़ा था मुझे देखते ही मेरे पास आया और बोला सर अचानक कैसे सब प्रोग्राम बना लिया ….. मैंने दीदी को नीचे उतरते हुए कहा यार संजीव बस कुछ ऐसी बात हो गयी कि आज के आज ही सब करना पड़ा ….. और इस मदद के लिए धन्यवाद ….. वो बोला सर शर्मिंदा ना करें …. उसने कहा भाभी जी तो तैयार हैं पर आप ये किस हाल में घूम रहे मैंने कहा कपड़े हैं ना मैं कार में ही बदल लेता हूँ मैंने कहा तुम रुचि को ले कर अंदर जाओ मैं आता हूँ 5 मिनट में ….. उसकी बीवी दीदी को ले कर अंदर चली गयी और मैं गाड़ी में घुस कर किसी तरह कपड़े बदल कर संजीव के साथ अंदर आ गया मंदिर में पंडित जी एक कोने में सारा इंतजाम किए हुए बैठे थे …. मैं पहुंचा और कहा पंडित जी शुरू कराइये ….. फिर उन्होंने दीदी को बिठाया और मुझे भी ….. और रस्मे शुरू की ….. शादी हुई संजीव की बीवी ने हमारी गांठ बांधी …. मैंने दीदी की मांग में सिंदूर भरा मंगलसूत्र पहनाया और फिर हमने फेरे लिए ….. उसके बाद संजीव ने एक बड़े लिफाफे से दो वरमाला निकाली और हमने एक दूसरे को वरमाला पहना कर विवाह संपन्न किया ….. पंडित जी को दक्षिणा में 21000 रुपये मिले तो वो भी खुशी खुशी आशीर्वाद दिए और चले गए ….. मैंने कहा संजीव भाई आपका शुक्रिया …. तो उसकी बीवी बोली भाई साहब अभी तो पार्टी बाकी है मैंने कहा जरूर भाभी जी आज तो पार्टी होगी ही चलिए किसी अच्छे होटल चलते हैं तो वो बोली नही भैया आज की पार्टी तो मेरे घर पर होगी मैंने सब इंतजाम कर लिया है बस चलिए आप लोग …. मैंने कहा पर आज …. वो बोली अभी 7 बजे हैं 9 बजे तक आपको फ्री कर देंगे बस चलिए बढ़िया डिनर करिये और फिर घर जाइये …. मैंने कहा ठीक है और मैं दीदी के साथ कार में आ गया …. संजीव अपनी कार में अपनी बीवी के साथ चला गया और मैंने भी उनके पीछे अपनी गाड़ी लगा दी …. रास्ते मे एक जगह सुनसान और अंधेरा देख कर मैंने कार रोकी दीदी आगे ही बैठी थीं मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींचा …. वो बोली क्या हुआ यहाँ कई रुक गए मैंने कहा मुझसे रहा नही जा रहा अपनी बीवी को थोड़ा सा प्यार करना है ….. और दीदी को सीने से लगा लिया …. दीदी मुझसे चिपकते हुए बोली बस थोड़ा इंतजार और कर लो फिर जी भर के प्यार करना अपनी बीवी को …. मैंने कहा डिनर तो बाद में होगा अभी थोड़ा सा स्नैक्स ही दे दो और दीदी के ब्लाउज के ऊपर से ही उनकी चूची मसल दी …. दीदी आहहह भर कर बोली संजू अभी मत करो ना ये जगह भी ठीक नही है और अभी हम लेट भी हो रहे हैं ….. मैंने चूची को और मसलते हुए कहा ठीक है अभी तो छोड़ रहा हूँ पर रात में तुम्हारी एक नही सुनूंगा ….. दीदी बोली रात में मैं तुम्हे रोकूंगी भी नही …. मेरे पतिदेव …
मैने कहा दीदी आज रात में हम क्या करेंगे दीदी मुस्कुरा कर बोली आज रात में हम प्यार करेंगे …. मैंने कहा प्यार तो हम बचपन से ही करते हैं एक दूसरे से आज क्या करेंगे तो दीदी बोली आज हम पति पत्नी वाला प्यार करेंगे संजू ….. मैंने पति पत्नी वाले प्यार को क्या कहते हैं दीदी बताओ ना ….. तो दीदी नीचे को देख कर बोली सेक्स … मैंने कहा दीदी प्लीज मेरी ओर देख कर हिंदी में साफ साफ ठीक से बताओ ना आज हम क्या करेंगे ….. दीदी ने कहा मैं इतनी बेशर्म नही हूँ ….. मुझे लगा अभी दीदी का मूड खराब करने से क्या फायदा शायद एक बार सब हो जाने के बाद वो थोड़ी सहज होंगी मेरे साथ फिर मैंने कार बढ़ा दी और थोड़ी देर में हम बातें करते हुए संजीव के घर पहुंच गए ….. वो हमें अंदर ले गया और हमे अपने रूम में ले जा कर बिठाया …. थोड़ी देर में उसकी बीवी आयी और बोली भाई साहब खाना लगाऊं मैंने कहा हां लगाइए और वो चली गयी संजीव नही दिख रहा था मैं और दीदी वही बैठे थे अकेले तभी मैंने दीदी को पकड़ कर एक बार फिर से उनके गाल चूमने शुरू किए मन तो होंठ चूमने का था पर लिपस्टिक की वजह से नहीं कर रहा था ….. मुझे लगा कही मेरे कही लग गयी तो सबके सामने मैं कार्टून बन जाऊंगा …. तभी मुझे किसी के आने की आहट मिली और मैं अलग हो कर बैठ गया उसी वक़्त संजीव अंदर आया उसके हाथों में एक बड़ी सी बोतल थी जिस पर रिबन बंधा हुआ था उसमें बोतल मुझे दी और बधाई दी …. मैंने पूछ लिया ये क्या है तो वो बोला सर ये वाइन है …. बहोत महंगी मैंने यूं ही पूछ लिया कितने की है तो उसने बताया कि ये 4000 की एक बोतल है ….. खैर मैंने कौन से पैसे देने थे सो मैंने बोतल उसे वापस देते हुए कहा खाने के साथ ही इसे भी ….. वो बोला हां सर जरूर मैं यही सोच के लाया ही था ….. वो बाहर चला गया और दीदी ने मुझसे कहा आज भी पियोगे ?
मैने कहा दीदी वो दारू थोड़े गया वाइन है और आज तो आप को भी थोड़ी सी पीनी पड़ेगी …. प्लीज मना मत करना …. तभी संजीव की बीवी आयी और दीदी से बोली चलिए भाभी सब तैयार है …. और वो हम दोनों के ले कर रूम में आई टेबल एकदम भरी पड़ी खाने से …. मैंने देख कर कहा रुचि देख लो इतना सब तुम्हे खाना है …. दीदी बोली क्यों अकेले मैं ही खा जाऊंगी क्या …. आप लोगो का व्रत है आज ??? ऐसे ही हंसी मजाक करते हुए हम बैठे और संजीव ने बोतल मुझे पकड़ा दी बोला सर खोलिए मैंने कहा भाई ये शुभ काम तुम ही कर लो मेरे बस का नही है …. उसने बोतल खोल कर अपनी बीवी को दी टेबल कांच के खूबसूरत ग्लास रखेल हुए थे उसने सबके गिलास भरे और हम तीनों ने अपने अपने गिलास उठा लिए और दीदी की ओर देखने लगे …. उन्होंने भी अपना गिलास उठा लिया और हमने चियर्स किया …. दीदी बोली मुझे भी पीनी है क्या तो संजीव की बीवी बोली कुछ नही होता भाभी पियो आप परेशान ना हो मैं तो कभी कभी पी लेती हूं ….. और वाइन पीते हुए खाना खाने लगे गिलास खाली होते ही दुबारा भर गए और दीदी ने दूसरा गिलास भी खत्म कर दिया खाना बहुत ही शानदार था और वाइन ने खाने का मज़ा दोगुना कर दिया ….. हांलाकि दो ग्लास वाइन पी कर मुझे कुछ महसूस नही हो रहा था …. और मैंने एक और गिलास भर लिया ….. और तीसरा गिलास खत्म होते होते मुझे हल्का नशा महसूस होने लगा मुझे बस अब और नही पीनी चाहिए …. साढ़े 9 बज रहे थे और मुझे अब बस घर पहुंचने की जल्दी थी ….. मैंने कहा संजीव भाई अब हम चलते हैं उसने कहा ok सर और उसने धीरे से मेरी जेब मे कुछ डाल दिया …. मैंने पूछा क्या है उसने कहा घर पर देखना .…. और फिर हम उन लोगो से विदा ले कर निकल लिए …. मैंने कार स्टार्ट की और दीदी आज आगे बैठ गयी मेरी बगल में मैंने कार आगे बढ़ाई और संजीव के घर से मुड़ते ही दीदी का हाथ पकड़ के अपनी ओर खींच लिया दीदी भी मुझसे चिपक कर बैठ गयी …… मैने एक हाथ से ड्राइव करते हुए दूसरा हाथ दीदी के गले मे डाल कर उनकी चूची पर रख दिया …. दीदी पर भी वाइन असर कर रही थी और वो आंखे मूंद कर मेरे कंधे पर सर टिका दी थीं मैंने हल्के हल्के से उनकी ब्लाउज में कसी चूची को कई बार सहलाया और फिर एक बार जोर मसल दिया …. दीदी ने सिसकी ली और आंख खोल कर मेरी ओर देखा मैंने कहा दीदी चूची मस्त है आपकी ….. दीदी मुस्कुराई और बोली बाकी सब भी मस्त ही है ….. मैने कहा हां देखने मे तो मस्त ही है बाकी तो इस्तेमाल करने के बाद ही पता चलेगा मैंने फिर से पूछा दीदी बताओ ना आज हम क्या करेंगे रात में …. दीदी ने नशीली आंखों से मुझे देखा और फिर से वही जवाब दिया हम प्यार करेंगे ….. मैंने बस प्यार और कुछ नही दीदी बोली और बहुत कुछ भी करेंगे ना …. दीदी ने पूछा और क्या करेंगे तुम ही बता दो ….. मैंने दीदी के कान में फुसफुसा कर कहा ….. आज मैं अपनी दीदी की चुदाई करूँगा ये सुनते ही दीदी फिर से आंख मूंद ली मैने कहा क्या हुआ दीदी बोली मुझे शर्म आ रही है ….. मैंने कहा पर मुझे तो बेशर्म बीवी चाहिए …. जो मुझे पूरे मज़े दे ….. और हम घर पहुंच गए मैंने रोज की तरह कार पार्किंग में लगाई और सारा सामान कार से निकाल कर कार दीदी से ही लॉक करवाई और हम आज लिफ्ट से ऊपर आये सामान ज्यादा था इसलिए …. फिर घर के दरवाजे पर पहुंच कर मैंने दीदी से कहा चाभी निकालो ….. इस वक़्त मेरा लंड एकदम सख्त हो कर झटके ले रहा था ….. दीदी ने मेरी जेब मे हाथ डाला और उनकी उंगलियां सीधा लंड से टकराई लेकिन आज दीदी ने एकदम अलग तरीके जेब मे हाथ डाले हुए ही लंड को पकड़ लिया और हल्के से दबाने लगी और मेरी हालत खराब होने लगी फिर भी मैं कुछ बोला नही जब दीदी कुछ टाइम ऐसे ही लंड मसलती रही तो मैंने कहा दीदी क्या कर रही हो चाभी निकालो ना जल्दी से हम घर से बाहर हैं दीदी ने कहा क्यों रोज तू यही तो करवाता है मुझसे अब आज मैं खुद कर रही हूं तो क्या हुआ मैंने कहा हुआ कुछ नही अच्छा बहोत लग रहा है पर मैं कितना सारा सामान लिए हूँ हाथों में दर्द हो रहा है तो दीदी ने हंसते हुए दूसरी जेब मे से चाभी निकाल कर लॉक खोला और हम अंदर आ गए मैंने सारा सामान एक तरफ रखा और ये सम्हालो अपना सामान दीदी और जल्दी से इसे ठिकाने लगा कर मेरे रूम में आ जाओ …. दीदी अब मेरा तेरा क्या है सब हमारा है …. मैंने कहा ये बात भी सही है तो दीदी बोली अभी तो मेरा सर घूम रहा है ये सब कल करूंगी ….. मैंने ठीक है पर अभी क्या करोगी दीदी मेरे पास आई और बोली अभी जो तुम चाहो वो करे मैंने दीदी का हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींचा और उन्हें गोद मे उठा लिया और ले कर अपने रूम में आ गया और बेड पर लिटा दिया और खुद भी लेट गया मैंने रूम की सारी लाइट्स ऑन कर दी और जेब से हीरे के अंगूठी निकाली और दीदी की उंगली में पहना दी ….. दीदी उस अंगूठी की चमक देख कर और भी चमकने लगी और बोली ये किसलिए मैंने कहा ये मेरी ओर से मेरी बीवी को पहला गिफ्ट और फिर मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपने सख्त लंड पर रख दिया और कहा ये दूसरा गिफ्ट मेरी बीवी …. और दीदी के लिए ….. दीदी बोली अभी तो दीदी मत बोला मैंने कहा दीदी असल मे मुझे सेक्स स्टोरीज पढ़ने की आदत है और खास कर भाई बहन की सेक्स स्टोरीज मुझे बहोत पसन्द है और मैंने भले ही शादी कर ली है तुमसे अब बीवी हो तुम मेरी पर मैं तुम्हे चोदते हुए ये अहसास ही चाहता हूं कि तुम मेरी दीदी हो ना कि बीवी ….. दीदी बोली पर हूँ तो मैं अब तुम्हारी बीवी ही मैंने कहा हां बीवी भी हो पर मैं हमेशा अपनी बहन की ही चूत चोदूगा और मैंने दीदी के होठो पर होंठ रख दिये ……

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