गोवा ट्रिप – 3

Sex on the beach

नेक्स्ट डे सब को हैंगओवर हो रखा था.. सब सोफे पे बैठकर टीवी देख रहे थे.. किसी की कुछ करने की हिम्मत नहीं थी.. अच्छा हुआ मैंने रात को ज्यादा नहीं पि रखी थी.. दोपहर का समय था मुझे कनिका दीदी कही नजर नहीं आ रही थी.. कुणाल ने बोला की वो अभी अभी बीच पर गयी है… बीच फार्महाउस से थोड़ी दूर पर ही था.. मैं भी वहा चला गया.. दोपहर का समय था इसीलिए बीच पर कोई ज्यादा लोग नहीं थे.. मैंने देखा की दीदी बीच पर दीदी वाक कर रही है.. मैं भी दीदी के पास जाकर टहलने लगा.. दीदी ने एक वाइट शर्ट और एक सेक्सी शॉट्स पहना था.. टाइट शॉर्ट्स में दीदी गांड बहुत ही बड़ी और भारी लग रही थी.. शॉर्ट्स काफी छोटा था जिससे उनकी मोटी और चिकनी टाँगे दिख रही थी.. टीशर्ट के ऊपर से दीदी के बड़े बड़े आमो का शेप दिख रहा था… दीदी जब चल रही थी तो उनकी भारी चूचियां ऊपर निचे हो रही थी.. मैं दीदी के दूध और चुत्तड़ो को ही ताड़ रहा था.. ऐसे सुहाने मौसम में दीदी जैसी गदरायी माल अगर साथ में तो मजा ही आ जाता है.. दीदी ने बोला ” आकाश चल ना थोड़ा समुन्दर में नहाते है”
मैं: दीदी अभी मूड नहीं हो रहा है
कनिका: ठीक है फिर तू यही रह.. मैं जाती हूँ पानी में
दीदी मेरे सामने ही कपडे उतार रही थी.. टीशर्ट के उतरते ही मैंने देखा की दीदी ने पिंक कलर की बिकनी पहनी हुई थी.. बिकनी का टॉप दीदी के मोटे मोटे चुच्चो को ढकने में अशमर्थ थी.. टॉप ने सिर्फ दीदी के टिट्स को ही कवर किया हुआ था.. दीदी की बड़ी बड़ी चूचियां बिकनी से पूरा दिख रही थी.. दीदी की गोरी और नंगी चूचियां देख कर लौड़ा खड़ा होने लगा.. टॉप सिर्फ एक पतली सी लेस के साथ पीछे बंधी थी… फिर दीदी ने अपनी शॉर्ट्स उतारी.. दीदी को अपनी बड़ी चुत्तड़ो से शॉर्ट्स को निकलने में काफी मेहनत करनी पड़ी… बिकनी का लोअर पार्ट तो बहुत ही छोटा था.. वो पैंटी सिर्फ दीदी की चुत को ढका हुआ था… पीछे से दीदी की बड़ी गांड पूरा एक्सपोज़ हो रही थी.. पैंटी दीदी के भारी चुत्तड़ो के बिच में फंसी हुई थी…. उफ्फ्फ क्या नजारा था.. दीदी का गदराया बदन बिकनी में और भी कामुक लग रहा था..
कनिका: आकाश कैसी लग रही हूँ इस बिकनी में
मैं: ओह्ह्ह्ह दीदी यू आर लुकिंग सो हॉट एंड सेक्सी
फिर दीदी दौड़ते हुए पानी के अंदर चली गयी.. दीदी जब दौड़ रही तो उनकी चूचियां टॉप से बाहर होकर उछल रहे थे और कभी उनकी टिट्स भी दिख रही थी.. दीदी पानी में नहाने लगी.. दीदी का पूरा जिस्म अब भींग चूका था.. मैं उस वक़्त को कोष रहा था जब मैंने दीदी का ऑफर ठुकरा दिया.. लेकिन दीदी का भींगा हुआ सेक्सी बदन देखकर कण्ट्रोल करना मुश्किल था.. इसीलिए मैंने तुरंत अपनी टीशर्ट उतारी और समुन्दर में कूद पड़ा.. दीदी भी मुझे देख कर बहुत खुश हुई..
कनिका: क्या हुआ आकाश अभी तो तेरा मूड नहीं था..
मैं: ओह्ह्ह्हह दीदी आप जैसी सेक्सी आइटम पानी में हो तो किसी का भी मूड बन जायेगा..
कनिका: अच्छा ये बात है.. चलो फिर हमदोनो सी में नहाने का मजा लेते है..

मैं और कनिका दीदी समुन्दर में नहाने लगे.. दीदी की बड़ी बड़ी नंगी चूचियों को देख कर मेरे लौड़ा पूरा तन गया था.. मैं दीदी को उठा उठा कर पानी में पटक रहा था.. दीदी की चूचियां हवा में बहुत उछल रही थी कभी कभी दीदी का निप्पल भी दिख रहा था… दीदी की पैंटी दीदी के भारी चुत्तड़ो के अंदर फंसी हुई थी… मैं दीदी को पीछे से पकड़ लेता और पानी में फेंक देता.. इस बहाने मैं अपने खड़े लंड से दीदी की भारी गांड का मजा ले रहा था.. बीच बीच में मैं दीदी की चूचियों को भी दबा देता..
कनिका: अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई तू बहुत शरारत कर रहा है… चुप चाप नहा ना
मैं: उफ्फ्फ दीदी बिकनी में आप बहुत ही सेक्सी लग रही हो.. कण्ट्रोल नहीं हो पा रहा है…
मैं दीदी से लिपट लिपट कर नहाने का मजा ले रहा था.. मैंने दीदी को अपनी आगोश में पकड़ रखा था, दीदी को किश करते हुए मैं उनकी चुत्तड़ो को उठा कर पानी में गिर जाता.. इस तरह मैं पानी और दीदी के गदराये बदन का पूरा मजा ले रहा था.. दीदी भी बहुत एन्जॉय कर रही थी.. मैंने दीदी को पकड़ा और जोर का किश किया.. दीदी भी मुझसे लिपट गयी.. मैं दीदी की चुत्तड़ो को दबा रहा था… आआअह्ह्ह उउउउ आकाश…
मैं: दीदी मैं आपको अभी चोदना चाहता हूँ…
कनिका: यहाँ पर कैसे.. कोई देख लेगा भाई
मैं: देख लो दीदी पूरा बीच खाली है.. इस एरिया में लोग काफी कम आते है
कनिका: हाँ अभी तो कोई नहीं है
मैं: तभी तो बोल रहा हूँ.. खुल के मजा लो..
मैं दीदी को लेकर किनारे में आ गया.. वहा मैंने अपना टॉवल बिछा लिया और अपनी शॉर्ट्स उतार कर बैठ गया.. मैंने दीदी को अपने लंड पर बैठने को बोला… दीदी ने अपनी पैंटी उतार दी और मेरा लंड अपनी बूर में रख कर धीरे से बैठ गयी.. मेरा लंड दीदी की बूर को चीरता हुआ अंदर घुस गया.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उईईईईई आकाश…. मैंने दीदी को अपने आगोश में भर लिया.. दीदी धीरे धीरे मेरे लंड पर कूदने लगी.. मैं भी जोर जोर से निचे से अपना लौड़ा पेल रहा था… ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह भाई… बीच पर सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा है… मैंने दीदी की टॉप खोल दी.. अब दीदी के दूध आजाद हो गए थे.. मैं दीदी की चूचियों को चूस रहा था और उन्हें चोद रहा था… समुन्दर की पानी की वजह से चूचियां का स्वाद नमकीन हो गया था जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था… दीदी की भारी चूचियां बहुत जोर जोर हिल रही थी… मैं चूचियों को दबा दबा कर दीदी की चुदाई कर रहा था…. उउउउउ आईईईई आकाश… फक मी बेबी..
कनिका दीदी… यू आर माय ड्रीम गर्ल… आई ऑलवेज वांटेड टू फक यू दीदी…
ओह्ह्ह्ह माय लिटिल ब्रदर.. गिव मी मोर डार्लिंग.. सक माय बिग बूब्स एंड फक माय पुसी बेबी… अह्ह्ह्ह उउउउउ
दीदी गांड उठा कर मेरे लंड पर कूद रही थी.. मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था और चुदाई का आनंद उठा रहा था.. ओह्ह्ह्हह्हह आकाश… फक योर सिस्टर बेबी..
ओह्ह्ह दीदी आपको मैं हमेशा अपने लंड पर बैठा कर आपके गदराये बदन को भोगना चाहता था..
अह्ह्ह्ह उउउउउउ भाई फिर लूट ले मेरी जवानी.. और पूरी कर ले अपनी ठरक… आईईईई
अह्हह्ह्ह्ह भाई तू कितना हरामी हो गया है अपनी ही बड़ी बहन को सरेआम चोद रहा है
उफ्फफ्फ्फ़ कनिका जानेमन तेरी जैसी टंच माल को बीच में चोदने में बहुत ही मजा आ रहा है
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उउउउउउ भाई मुझे भी इस तरह चुदने में बहुत मजा आ रहा है… और चोदो भाई..

दीदी जोर जोर से मेरे लंड पर कूद कर चुदवा रही थी.. दीदी की चूत मेरे पुरे लंड को निगल रही थी.. हर जम्प के साथ दीदी की मोटी चूचियां जोर जोर से उछल रही थी.. दीदी की बड़े बड़े बाउंस होते दूध मेरा एक्ससाइटमेन्ट और बढ़ा रहे थे… जिसे मैं अपने हाथो से पूरा निचोड़ रहा था.. मैं दीदी की चुच्चो को बहुत ही ताकत से मसल रहा था… आह्ह्ह्हह्ह भाई खा जायेगा क्या
उफ्फ्फ्फ़ दीदी आपकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर चूसने में बहुत मजा आ रहा है
अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह और तेज मारो भाई.. फाड़ दो मेरी चुत..
ओह्ह्ह्हह कनिका डार्लिंग तेरी चुत का भोसड़ा बना दूंगा.. अह्हह्ह्ह्ह
आईईईई उउउउउ आकाश डिअर फक मी हार्डर बेबी.. मेक मी कम..
अब मैं निचे से अपना लौड़ा पुश करने लगा.. हमारी चुदाई की स्पीड बढ़ गयी… अह्ह्ह्हह भाई थोड़ा और पेल भाई… मेरा होने वाला है…
मैं दीदी की चूचियों को दबा कर तेजी से चोदने लगा.. दीदी की सिसकारियां अब बहुत जोर हो गयी.. और वो जोर से झड़ गयी…
फिर हमदोनो ने कपडे पहने और फार्महाउस की तरफ चले गए… मैंने देखा की बालकनी पर श्रुति खड़ी थी.. उसने हमदोनो को देखकर आँख मारी, लगता है उसने ऊपर से सब देख लिया था..

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